Showing posts with label point of reference. Show all posts
Showing posts with label point of reference. Show all posts

Monday, July 31, 2017

आलंब

आलंब का आशय वह स्थिति परिस्थिति , स्थूल या सूक्ष्म बिम्ब या बिन्दु जहाँ  से हम देखते हैं , गणना करते हैं. pivot point of reference.

योग और ध्यान में यह सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु है.
बिन्दु को परिभाषा के अनुसार ही समझें अर्थात बिन्दु में आकार नहीं होता. यानि जिसमें लम्बाई , चौड़ाई और मोटाई नहीं हो वह बिन्दु है यानि इसमें तीनों विमाएँ नहीं होतीं.

हमेशा हम जागते और सोते हुए भी एक बिन्दु पकड़ कर चलते हैं. जहाँ हम अपने आप को स्थित मानते हैं. याने वह बिम्ब जहाँ हम खुद के होने का अपना अस्तित्व  मानते हैं.

मोटे तौर पर हम हमेशा खुद को एक बिन्दु पर खडे होकर दुनिया देखते हैं .

यह हमारी पूरी सृष्टि की  सबसे महत्वपूर्ण धारणा है. 

एक माल ऐसी भी जपें के

साँस लें तो राम छोड़ें तो हनुमान